सरगुजा, छत्तीसगढ़। सरगुजा अब चोरी के कबाड़ियों का सुरक्षित गढ़ बन चुका है। यहां से बड़े पैमाने पर कबाड़ की सप्लाई दिल्ली और मेरठ जैसे शहरों तक होती है। पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे कंटेनर को पकड़ा है जो आम कंटेनर जैसा दिखता है, लेकिन हकीकत में बेहद चालाकी से तैयार किया गया था। सूत्रों के अनुसार इस कंटेनर में तीन अलग-अलग रैक बने हुए थे। पहले हिस्से में एल्यूमिनियम, दूसरे हिस्से में तांबा और तीसरे हिस्से में पीतल भरा जाता था। पुलिस को गुमराह करने के लिए सामने वाले हिस्से में सिर्फ एल्यूमिनियम रखा जाता था, ताकि जांच करने वालों को लगे कि माल सामान्य है, लेकिन भीतर असली खेल छिपा हुआ था।

सूत्रों के अनुसार जय भारत ट्रांसपोर्ट और दारिमा चौक स्थित दीपक ट्रांसपोर्ट इस अवैध कारोबार में लंबे समय से शामिल हैं। बाजार में जहां प्रति किलो ट्रांसपोर्ट चार्ज सिर्फ तीन रुपये तय है, वहीं ये कंपनियां पंद्रह रुपये किलो तक वसूलती हैं और बिना किसी दस्तावेज के चोरी का माल एक जिले से दूसरे जिले और एक राज्य से दूसरे राज्य तक भेज देती हैं। इस पूरे नेटवर्क में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि उनके संरक्षण में ही ट्रक आसानी से पार हो जाते थे।

लेकिन इस बार सरगुजा आईजी दीपक झा के नेतृत्व और सीएसपी राहुल बंसल की सख्ती से यह पूरा खेल सामने आ गया। पुलिस ने कंटेनर को पकड़ा और अब गहन जांच की जा रही है , सीएसपी ने जानकारी देते हुए बताए कि कंटेनर में संदिग्ध रूप से गाड़ियों के पार्ट्स भी मिले। इससे साफ होता है यह अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट का काम चल रहा है।
वही सीएसपी राहुल बंसल ने बताए कि इसमें कुछ नाम भी सामने आया है और आने वाले समय में भी इस तरह की कार्यवाही सरगुजा में जारी रहेगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस रैकेट में और कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं और कितनी दूर तक इसकी जड़ें फैली हुई हैं।

