सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक के कुदारीडीह गांव स्थित जंगलपारा मोहल्ले में शिक्षा व्यवस्था की जो सच्चाई कुछ दिन पहले हमने आपकी स्क्रीन पर दिखाया था, उसने ना केवल लोगों को झकझोर कर रख दिया था, बल्कि प्रशासन को भी जवाब देने के लिए मजबूर कर दिया। लगभग 2006 से जंगलपारा के प्राथमिक स्कूल का संचालन एक किचन शेड में हो रहा था, जहां दर्जनों बच्चे बिना किसी बुनियादी सुविधा के, खुले में और तंग हालातों में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर थे। बारिश हो या धूप, बच्चों को छत से टपकते पानी और मिट्टी के फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रहा था।
हमारी इस खबर के बाद यह मामला ना सिर्फ स्थानीय स्तर पर चर्चा में आया, बल्कि जिला प्रशासन की नजरों में भी गया। इसी कड़ी में आज सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर स्वयं जंगलपारा स्कूल पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत स्कूल और आंगनबाड़ी भवन के निर्माण का आदेश दिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि निर्माण कार्य अगले दो से तीन महीनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। ताकि बच्चों को जल्द से जल्द एक सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल मिल सके।
इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सचिव समेत चार जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। वर्षों से इस उपेक्षा की जिम्मेदारी तय करना प्रशासन के लिए अनिवार्य हो गया था, और कलेक्टर के इस कदम को उसी दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
अब उम्मीद की जानी चाहिए कि जंगलपारा के बच्चे जल्द ही पक्की दीवारों, साफ-सुथरे कमरों और सुरक्षित छत के नीचे बैठकर अपने भविष्य को आकार दे सकेंगे — जैसा कि उनका हक़ है।

