रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में सफलता हासिल करने वाले राज्य के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को पीएससी मेन्स क्लियर करने वाले छात्रों को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया। सीएम के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यह वादा छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकाय चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल किया था, जिसके तहत महापौर सम्मान राशि के अंतर्गत राज्य के प्रतिभागियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सीएम साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी 2024 में चयनित छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “आप सभी चयनित युवाओं ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप पूरी ईमानदारी से देश-प्रदेश के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।”

यूपीएससी 2024: छत्तीसगढ़ के 5 अभ्यर्थियों का चयन
यूपीएससी ने सिविल सर्विसेज एग्जाम 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। छत्तीसगढ़ से 5 अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। इनमें 3 लड़कियां और 2 लड़के शामिल हैं। रायपुर की पूर्वा अग्रवाल ने 65वीं रैंक, जगदलपुर की मानसी जैन ने 444वीं रैंक, अंबिकापुर के केशव गर्ग ने 496वीं रैंक, अंबिकापुर की शची जायसवाल ने 654वीं रैंक और मुंगेली के अर्पण चोपड़ा ने 313वीं रैंक हासिल की है।
पूर्वा अग्रवाल: दो बार की यूपीएससी विजेता
रायपुर की पूर्वा अग्रवाल ने यूपीएससी 2024 में 65वीं रैंक के साथ शानदार प्रदर्शन किया। इससे पहले वे 2023 में 189वीं रैंक के साथ आईपीएस के लिए चयनित हो चुकी थीं। पूर्वा ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया और सिंगापुर में इकोनॉमिक्स एनालिस्ट के रूप में इंटर्नशिप की। उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पूर्वा मूल रूप से रायगढ़ के खरसिया की रहने वाली हैं। उनके पिता एमएल अग्रवाल छत्तीसगढ़ टेक्निकल एजुकेशन में एडिशनल डायरेक्टर और मां इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर हैं। पूर्वा ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, टाइम मैनेजमेंट और परिवार के समर्थन को दिया।
केशव गर्ग: अंबिकापुर का गौरव
अंबिकापुर के केशव गर्ग ने 496वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया। परिणाम घोषित होने के बाद उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। केशव की मां कुसुम गर्ग ने कहा, “बेटे की मेहनत और गुरु के आशीर्वाद से यह मुकाम हासिल हुआ।” परिजनों ने मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाईं।

शची जायसवाल: मेहनत और परिवार के सपोर्ट से मिली सफलता
अंबिकापुर की शची जायसवाल ने 654वीं रैंक हासिल की। यह उनका दूसरा प्रयास था। शची ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई भी पूरी की। उन्होंने कहा, “यूपीएससी भारत का सबसे कठिन एग्जाम है। इसके लिए मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होना जरूरी है। मेरे परिवार, खासकर माता-पिता ने हर कदम पर मेरा साथ दिया।” शची ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार को दिया।


