सरगुजा। जिला शिक्षा अधिकारी का एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो रहा हैं। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र जारी कर प्रभारी ABEO (सहायक खंड शिक्षा अधिकारी) को हटाने का आदेश दिया था। लेकिन DEO ने 26 दिसंबर 2025 को जवाबी पत्र में सयुक्त संचालक शिक्षा विभाग को याद दिलाया कि प्रभारी ABEO की नियुक्ति का आदेश संयुक्त संचालक के कार्यालय से ही जारी हुआ था, इसलिए वे खुद ही उन्हें हटा सकते हैं। इस पत्राचार से साफ है कि दोनों अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर मामले को टालने की कोशिश कर रहे हैं।

शासन संलग्नीकरण किया हैं समाप्त
छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा विभाग में अटैचमेंट में नौकरी कर रहे कर्मचारियों के लिए पत्र जारी कर कहा गया था कि कोई भी शिक्षा विभाग का कर्मचारी कहीं भी अटैचमेंट (संलग्नीकरण) के रुप में पदस्थापना नहीं होंगी। बावजूद इसके एलबी शिक्षक मनोज तिवारी का एबीईओ कि कुर्सी से मोह भंग नहीं हो रहा हैं।

राज्य शासन आदेश को दिखा रहे ठेंगा
युक्ति युक्तकरण में एलबी शिक्षक मनोज तिवारी को शिक्षा विभाग ने पूर्व माध्यमिक शाला ढोढाकेसरा में पदस्थापना दिया था। लेकिन एलबी शिक्षक कि राजनीतिक पकड़ और अधिकारीयों से साठगांठ होने कि वजह से लखनपुर का प्रभारी ABEO बना दिया गया। राज्य शासन स्तर पर ABEO के हुए ताबदले में सूरजपुर जिले से अलोक कुमार सिंह को लखनपुर खंड शिक्षा अधिकारी के तौर पर पदस्थापना दी गई है। ऐसे में पहले से रहे प्रभारी सहायक खंड शिक्षा अधिकारी अपने मूल पद में जाने का नाम नहीं ले रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता हैं कि उच्च अधिकारीयों के साथ सत्ता का साथ होना भी बहुत जरुरी हैं।

संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग सवालों के घरे में
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ दिनेश कुमार ने साफ कर दिया हैं कि एक खंड शिक्षा कार्यालय में दो ABEO कैसे हो सकते हैं..! लेकिन संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग के अधिकारी संजय गुप्ता को शिक्षा कि गुणवक्ता को लेकर कोई मतलब नहीं हैं। यही वजह हैं कि शासन के आदेश का पालन भी नहीं किया जा रहा हैं। जिसका नतीजा आपके सामने हैं। अब देखना होगा कि कबतक प्रभारी एबीईओ मनोज तिवारी अपने मूल पदस्थाना में भेजा जाता हैं, या सरकार के आदेश को ठेंगा दिखायेंगे।

