सरगुजा जिले में घुनघुट्टा बांध से 42 गांव को संचित करने वाले डेम से किसानों को खेती के लिए पानी नही मिलने से परेशान किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है। इस बात को लेकर आज पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के नेतृत्व में कृषकों के दल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बांध के जलस्तर का अवलोकन किया। इसमें यह स्पष्ट हुआ कि विगत 3 दिनों की बारिश के बाद बांध में लगभग 40 प्रतिशत पानी भर गया है, साथ ही बांध के जलस्रोत से निरंतरता भरपूर पानी बांध में आ रहा है। इस बांध से सिंचाई के साथ ही साथ अम्बिकापुर शहर को पेयजल की आपूर्ति भी की जाती है। इस कारण जलस्तर कम होने से अधिकारियों ने नहरों में पानी छोड़ने से मना किया था। खरीफ़ का सीजन प्रारंभ होने और खेत में पर्याप्त पानी नहीं होने से श्याम परियोजना के कैचमेंट एरिया के किसान परेशान थे। पानी की कमी की वजह से धान के थरहा का काम प्रभावित था। इससे चिंतित किसानों ने आज पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में बांध का दौरा कर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से चर्चा की, जिसके फलस्वरूप अधिकारियों ने 22 जून से नहर में पानी छोड़ने का आश्वासन दिया है।
इधर मौके पर पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी सब इंजीनियर ने कहा कि डेम का वाटर लेवल कम होने की वजह से पानी को रोक दिया गया था। लेकिन लगातार तीन दिनों तक बारिश होने से अब 40% पानी फिर से भर चुका है। कल यानी रविवार को दोबारा किसानों के लिए डेम के गेट खोल दिये जायेंगे। जिससे किसान अपनी खेती बेहतर तरीके से कर सके।
इस दौरान पारस राजवाड़े, पवन राजवाड़े, संजीव कश्यप उमाशंकर प्रमेन्द्र सरजाल, विनोद राजवाड़े हीरालाल राजवाड़े, कन्नीलाल, गीता, रविशंकर कुशवाहा, रविशंकर नायक, दिनेश, राज कश्यप राकेश सोनी सहित कई कृषक और ग्रामीण मौजूद थे।

