सरगुजा। भारत के द्वितीय डॉ राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर पूरे भारत देश में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वहीं दूसरी ओर सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षक दिवस इस रूप में मनाया जा रहा है। जहां शिक्षकों को ड्रेस कोड ने मजबूर कर दिया है, और कार्यक्रम में शामिल होने का फरमान जारी कर दिया गया है।

विधायक का निर्देश
दरअसल सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षक दिवस भव्य तरीके से मनाने के लिए सीतापुर विधानसभा के विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक ऐसा फरमान जारी कर दिया है, कि शिक्षकों को सफेद शर्ट, ब्लैक पेंट सहित नेवी ब्लू जैकेट के साथ कार्यक्रम में शामिल होना सुनिश्चित किया गया है। खास बात यह है कि शिक्षिकाओं को भी ग्रे साड़ी, ब्लैक जैकेट सहित ब्लैक जूती पहनकर आना अनिवार्य किया गया हैं। ऐसे में शिक्षकों की मजबूरी बन गई है कि ड्रेस कोड के साथ अधिक से अधिक में तय जाना तय माना जा रहा है।

स्कूल के टाइम टेबल
छत्तीसगढ़ में मौजूदा सरकार ने शनिवार को सुबह 07:30 बजे से सुबह 11:30 बजे तक सभी स्कूलों का संचालन निर्धारित किया है। लेकिन शिक्षक दिवस के अवसर पर सीतापुर विधायक ने सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के तीन ब्लॉक के सैकड़ो की संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाओं को एमएलए(MLA) कोचिंग परिसर में सुबह 10:00 बजे उपस्थित होने को कहा गया हैं। ऐसे में शिक्षक दिवस स्कूलों में मनाया जाएगा या विधायक के तय स्थान एमएलए(MLA) कोचिंग परिसर में।
पूर्व मंत्री ने कहा
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने शिक्षक दिवस कार्यक्रम के साथ शिक्षक और शिक्षिकाओं के ड्रेस कोड को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से ऐसा कोई ड्रेस कोड का नियम जारी नहीं किया गया है, और ऐसी कोई जानकारी मेरे तक नहीं आई है। अगर सरकार का कोई आदेश हो तो ठीक है, अगर विधायक की तरफ से फरमान इस तरीके से जारी हो समझ से परे हैं। शिक्षक तो समाज का मार्गदर्शन होता है। ईश्वर से भी ऊपर दर्जा शिक्षकों का होता है। शिक्षकों को अपमानित, प्रताड़ित या उन्हें मानसिक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। जाते-जाते उन्होंने शिक्षक और शिक्षिकाओं हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
गौरतलब हैं कि शिक्षक और शिक्षिकाओं के सम्मान में पूरे भारतवर्ष में राष्ट्रपति से लेकर राज्यपाल तक शिक्षकों को पुरुष्कार दिए जाते है। भारत का इकलौता विधायक हैं कि जो शिक्षकों हो ही कपड़े खरीदकर आने के लिए बाध्य कर रहे है। ये उन्ही शिक्षकों के सम्मान में कसीदे गढ़ने की कोशिश किया जा रहा हैं। शिक्षक दिवस शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक विशेष दिन है। इसमें किसी विशेष क्षेत्र में उनके विशेष योगदान या शिक्षा में सामुदायिक भूमिका के लिए उन्हें सम्मानित करने के लिए समारोह शामिल हो सकते हैं। यह सबसे अधिक मनाए जाने वाले दिनों में से एक है और यही मुख्य कारण है कि अन्य कई अंतर्राष्ट्रीय दिवसों के विपरीत, देश इसे अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाता हैं।

