अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर के वार्ड क्रमांक 42 शहीद अब्दुल हमीद वार्ड से नगर निगम चुनाव में मोहमद अख्तर फिरदौसी द्वारा फर्जी तरीके से नामांकन दाखिल करने का गंभीर आरोप सामने आया है। मोमिनपुरा निवासी व्यापारी व भाजपा नेता वसीम अंसारी ने पुलिस अधीक्षक सरगुजा को शिकायत पत्र सौंपते हुए बताया है कि खरसिया नाका निवासी मो. अख्तर फिरदौसी ने पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र के बिना ही चुनाव में खुद को ओबीसी वर्ग का घोषित करते हुए झूठा शपथ पत्र देकर नामांकन दाखिल किया था।

वसीम अंसारी ने बताया कि संबंधित वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित था और मोहम्मद अख्तर फिरदौसी ने जानबूझकर फर्जी जानकारी देकर न केवल नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि अन्य उम्मीदवारों को भी नुकसान पहुंचाया। इस फर्जीवाड़े की शिकायत वसीम ने पहले 5 मई को कोतवाली थाना प्रभारी को आवेदन देकर की थी, लेकिन कोतवाली पुलिस ने न तो कोई पूछताछ की और न ही मामले में प्राथमिक जांच शुरू की।

कोतवाली की इस उदासीनता और लापरवाही से आहत होकर पीड़ित ने अब 15 मई को सरगुजा के पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। वसीम अंसारी का कहना है कि मामला साफ तौर पर नामांकन प्रक्रिया में धोखाधड़ी और दस्तावेजों की जालसाजी का है, जिस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन कोतवाली पुलिस ने पूरे मामले को नजरअंदाज कर दिया।
पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
यह कोई पहला मामला नहीं है जब कोतवाली थाना अम्बिकापुर पर गंभीर मामलों को अनदेखा करने के आरोप लगे हैं। सवाल यह उठता है कि जब शिकायत स्पष्ट रूप से झूठे दस्तावेज और चुनावी धोखाधड़ी से जुड़ी थी, तो कोतवाली पुलिस ने अब तक कोई भी कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या पुलिस दबाव में काम कर रही है या जानबूझकर ऐसे गंभीर मामलों को दबाया जा रहा है?
अब निगाहें एसपी की पहल पर
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस अधीक्षक सरगुजा इस पूरे मामले में किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं। यदि फर्जी शपथ पत्र और झूठे प्रमाणपत्र के जरिए चुनाव लड़ना साबित होता है, तो यह न केवल अपराध की श्रेणी में आएगा, बल्कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया की भी अवहेलना मानी जाएगी।
न्याय की उम्मीद लेकर आगे आया पीड़ित
वसीम अंसारी का कहना है कि, नगर निगम का चुनाव हुआ था। उस दौरान मेरे द्वारा भारतीय जनता पार्टी से वार्ड क्रमांक 42 से चुनाव लड़ा गया था। मेरे अगेंस्ट कांग्रेस पार्टी से मोहम्मद अख्तर फिरदौसी द्वारा चुनाव लड़ा गया था। वार्ड क्रमांक 42 शहीद अब्दुल हामिद वार्ड, ओबीसी पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट है। उस सीट में मोहम्मद अख्तर फिरदौसी, जिसे कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी बनाया गया था। वह सामान्य वर्ग मुसलमान व्यक्ति है। उनके द्वारा झूठा शपथ पत्र दिया गया कि, मैं बनिहार जाति का, पिछड़ा वर्ग का हूं। जब कि वह उस जाति के हैं नहीं। मेरे द्वारा उनके कई दस्तावेज निकाला गया और चुनाव के स्कूटनी के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष सबकुछ प्रस्तुत भी किया। इसके बावजूद उसके शपथ पत्र के आधार पर उसे चुनाव लड़ने का परमिशन दिया गया। चुनाव लड़ने के पश्चात आज तक मोहम्मद अख्तर के द्वारा जीत हासिल भी हो गई है। उसके बाद भी आज तक उसके द्वारा जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए सरगुजा पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत आवेदन दिया गया है कि जो कांग्रेस का पार्षद निर्वाचित होकर आया है। सामान्य मुसलमान वर्ग से आता है, जो पिछड़ा वर्ग का नहीं है। जिसका मैने दस्तावेज भी प्रस्तुत किया है। मोहम्मद अख्तर के झूठा शपथ पत्र देने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है, कि जो वार्ड पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, उसमें पिछड़ा वर्ग के साथ धोखा हुआ है। मोहम्मद अख्तर फिरदौसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। इस संबंध में पिछड़ा वर्ग आयोग, जिला कलेक्टर इसके लड़ाई के लिए जहां तक जाना पड़े जायेंगे और पिछड़ा वर्ग के हक को दिलाएंगे।

