अंबिकापुर। शहर में एक बार फिर चौक के नाम को लेकर विवाद भड़क गया है। दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज केदारपुर स्कूल चौक, जिसे अब कार्तिक उरांव चौक नाम दिया गया है। इसके भूमि पूजन के लिए अंबिकापुर पहुंचने वाले हैं। लेकिन उद्घाटन से पहले ही इस नामकरण को लेकर शहर में विरोध देखा जा रहा है।
जैन समाज ने इस निर्णय का कड़ा विरोध जताते हुए कहा है कि वर्ष 2003 से वे इस चौक का नाम महावीर चौक (अहिंसा चौक) रखने की मांग कर रहे हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने कई बार प्रशासन को आवेदन भी सौंपे, लेकिन उनकी मांगों को अनसुना करते हुए अब चौक का नाम बदलकर बाबा कार्तिक उरांव चौक रख दिया गया है।
जैन समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय जैन समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने उनकी वर्षों पुरानी मांग को नहीं माना और चौक का नाम महावीर चौक नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
बहरहाल शहर में इस नामकरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक ओर जहां उद्धघाटन उरांव समाज को ऐतिहासिक बता रहा है, तो वहीं दूसरी ओर जैन समाज इसे अपनी धार्मिक भावनाओं की अवहेलना मान रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है या आने वाले दिनों में अंबिकापुर शहर चौक चौराहों के नामकरण को लेकर विवादों में रहेगा।
अंबिकापुर नगर निगम की महापौर से इस बारे में पूछा गया तो कि बाबा कार्तिक उरांव चौक की स्थापना को लेकर जैन समाज के द्वारा आपत्ति जताई गई, साथ ही अंबिकापुर शहर की प्रथम नागरिक महिला महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि पूर्व की नगर निगम में रही कांग्रेस की सरकार के पास और ना ही मौजूदा नगर निगम में भाजपा की सरकार के पास इस चौक के नाम की मांग जैन समाज के द्वारा नही की गई हैं। अगर जैन समाज की मांग हैं तो चौपाटी के पास ही अहिंसा चौक की स्थापना करने की बात कही गई हैं।

