अंबिकापुर: आस्था और उल्लास से सराबोर अम्बिकापुर शहर में आज छठ पर्व का तीसरा दिन श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगा रहा। शहर के हृदयस्थल में स्थित शिवसागर बांध पर निर्मित पैलेस छठघाट पर आज हजारों श्रद्धालु “डूबते सूरज” को अर्घ्य देने पहुंचे। इस अवसर पर सरगुजा राजपरिवार की पहल से निर्मित यह घाट श्रद्धा, संस्कृति और सौंदर्य का अद्भुत संगम बन गया।

शिवसागर बांध, जो सरगुजा राजपरिवार की निजी संपत्ति है, पर इस वर्ष लगभग 500 फिट लंबे घाट का निर्माण प्रथम चरण में पूरा किया गया था। छठ पर्व के पावन अवसर पर यह घाट पूरी तरह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। सुबह से ही घाट पर व्रती महिलाओं, परिवारों और बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सूप और बांस की टोकरी में प्रसाद लेकर पूजा में शामिल हुईं।

राजपरिवार की पहल पर सजी श्रद्धा की छटा: राजपरिवार के सदस्य अरुणेश्वर शरण सिंहदेव, आदित्येश्वर शरण सिंहदेव तथा पैलेस घाट सेवा समिति के सदस्य लगातार व्यवस्था का जायजा लेते रहे। समिति के संरक्षक पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव ने भी छठव्रतियों से संवाद कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “यह घाट केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शिवसागर बांध के सौंदर्य और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
भक्तिमय माहौल और सुव्यवस्थित आयोजन: पैलेस घाट सेवा समिति द्वारा घाट पर प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, चेंजिंग रूम, पार्किंग, और साफ-सफाई की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। घाट के चारों ओर पुष्प सजावट, दीपों की रोशनी और लोकगीतों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण आस्था से भर गया। महिलाओं ने परंपरागत रीति से सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।समिति द्वारा सभी व्रतियों को प्रसाद स्वरूप फल, कच्चा दूध और हवन के लिए आम की लकड़ी भी प्रदान की गई। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और भक्तिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।

कल उगते सूर्य को दिया जाएगा अंतिम अर्घ्यआज: शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद, कल सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व का समापन होगा। पैलेस छठघाट पर कल भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना है। समिति ने सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी कर ली है।राजपरिवार और पैलेस घाट सेवा समिति ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे श्रद्धा और अनुशासन के साथ इस पर्व में भाग लें तथा घाट की पवित्रता बनाए रखें।

