सरगुजा। जिले के मैनपाट रोपाखार में शासकीय जमीन में अवैध कब्जे कों लेकर बुलडोजर कार्रवाई देखने कों मिला हैं। अवैध कब्जे को हटाने के लिए एक सप्ताह का नोटिस देकर सामान खाली करने कों कहा गया था। इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारी सहित पुलिस बल की मौजूदगी में कई सालों से बने घर कों जमीदोज किया गया।

भाजपा महामंत्री ने दिया त्याग पत्र
भाजपा मंडल मैनपाट के महामंत्री ने अपनी विधवा बहन के साथ हुई कथित पक्षपातपूर्ण कार्यवाही का विरोध करते हुए पार्टी के सभी पदों व सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया है। त्याग पत्र में उन्होंने लिखा है कि ग्राम पंचायत रोपाखार, तहसील मैनपाट के खसरा नंबर 853 (कुल रकबा 200 हेक्टेयर में से 0.020 हेक्टेयर) पर उनकी विधवा बहन वर्षों से घर बनाकर निवास कर रही थी। उसे वन अधिकार पत्र भी मिला था। लेकिन पति की मृत्यु के बाद अज्ञानता में खसरा नंबर 754 गलत दर्ज कर दिया गया। त्रुटि सुधार के लिए कलेक्टर सरगुजा को आवेदन करने के बावजूद प्रशासन ने कोई सहयोग नहीं किया।
रसूख हों तो ऐसा
अंबिकापुर शहर के निवासी आयुष गर्ग (पुत्र अजय अग्रवाल) की शिकायत पर तहसील मैनपाट ने उनके घर को अवैध बताकर तोड़ दिया। जबकि मैनपाट क्षेत्र के ग्राम केसरा, रोपाखार, नर्मदापुर समेत दर्जनों गांवों में वर्षों से अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश होने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
1992 से अब तक भाजपा के लिए किया काम
त्याग पत्र देने वाले भाजपा मंडल महामंत्री गौतम पैंकरा ने कहा कि सन् 1992 से अब तक अपना पूरा परिवार और सगे संबंधी भाजपा के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करते रहे हैं। यहां तक कि उनकी जाति के ही विष्णु देव साय वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद कलेक्टर सरगुजा द्वारा पक्षपातपूर्ण कार्यवाही की गई। जिससे आहत होकर उन्होंने भाजपा मंडल महामंत्री, सक्रिय सदस्यता तथा प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही कहा कि द्वेषपूर्ण कार्यवाही है और गरीब आदिवासी विधवा महिला के साथ अन्याय हुआ है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा
भाजपा मंडल महामंत्री के त्याग पत्र कि जानकारी तो नहीं हैं। अगर त्याग पत्र दिया होता तो मेरी जानकारी में जरूर होता। लेकिन जो बाते सामने निकलकर आ रही हैं। उन सभी बिंदुओं पर चर्चा करने के लिए आज शाम कों मैनपाट जायेंगे, और चर्चा के बाद ही स्पष्ट हों पायेगा।

