सूरजपुर: सूरजपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भटगांव में प्रसव के दौरान घोर लापरवाही के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। 9 अगस्त को ओड़गी विकासखंड की कुन्ती पंडो के प्रसव के वक्त प्रसव कक्ष में न तो चिकित्सक मौजूद थे और न ही स्टाफ नर्स।
इस गंभीर चूक पर जिला स्तरीय जांच समिति ने आरएचओ (महिला) विक्टोरिया केरकेट्टा को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया।जांच रिपोर्ट के आधार पर ड्यूटी रोस्टर में तैनात संबंधित मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ नर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा कर रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी गई है।
कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत की जा रही है।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना की जानकारी मिलते ही उच्च अधिकारियों को तत्काल जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तैयार की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार, दोषियों पर जल्द ही अगला कदम उठाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

